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एलोवेरा की खेती कैसे शुरू करें? | How to Start Aloevera Farming in Hindi

एलोवेरा की खेती कैसे शुरू करें | How to Start Aloevera Farming | Aloevera Cultivation Information

aloe vera

एलोवेरा की खेती  से  संबंधित  पूरी जानकारी  | How to Start Aloevera Farming | Aloevera Cultivation Information

दोस्तों हमें ये अक्सर सुनने को मिलता है की खेती में घाटा होने के कारण किसान आत्महत्या कर रहे है वही बहुत सारे किसान आर्गेनिक खेती, औषधीय पौधे की खेती जैसे Aloevera Farming, Tulsi Farming  तथा नए तकनीक से खेती कर बहुत सारा पैसा कमा रहे हैं एवं लोगो को ट्रेनिंग देकर ये सिखा रहे हैं कि इस तरह से खेती कर आप भी बहुत सारा पैसा कमा सकते है और अच्छी जिंदगी जी सकते है|

दोस्तों आज मै इस ब्लॉग में बताने जा रही हूँ की आपके पास भी अगर खेती की जमीन है तो आप भी वह सब कुछ पा सकते है जो आप चाहते है जैसे बंगला, गाड़ी एवं अन्य सुविधाएं| लेकिन इसके लिए हमें मेहनत करनी पड़ेगी, हमें खेती करने में नई तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ेगा|

अगर हमलोग पारंपरिक खेती जैसे धान, गेंहू की खेती छोड़कर Medicinal (आयुर्वेदिक) पौधे की खेती करें तो अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं| Medicinal पौधे में  Aloevera Farming (एलोवेरा की खेती ) कर 2 लाख रुपए सालाना कमा सकते हैं| इस ब्लॉग के अंत में प्रॉफिट रिपोर्ट के माध्यम से हम बताएँगे की इसकी खेती कर आप कितना मुनाफा कमा सकते हैं|

दोस्तों एलोवेरा को ग्वार पाठा, घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है| इसके पौधे की ऊंचाई 1 से 3 फीट तक होती है| पत्तो में घी जैसा चिकना गूदेदार गुदा होता है| इसका वनस्पतिक नाम एलो वेवियाड़ेंसिस मिलर (एलोवेरा) है|

एलोवेरा का उपयोग ( Use of Aloevera )

इसका उपयोग औषधीय तथा सौंदर्य प्रसाधन सामग्रियों में किया जाता है| यह स्वाद में कड़वा तथा मीठा  होता है| एलोवेरा का उपयोग गठिया, चर्मरोग, आँखों के नीचे कालापन, कील, मुहांसों, शरीर को पुष्ट बनाने वाला, वायु पित्तनासक कब्ज जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक औषधियां तैयार करने में किआ जाता है|

एलोवेरा की खेती के लिए उपयुक्त भूमि/जलवायु  (Suitable Land  for the Farming of  Aloevera)

एलोवेरा किसी भी प्रकार की भूमि जिसमें जलभराव न हो तथा जल निकास का अच्छा प्रबंध हो में की जा सकती है| इसकी अच्छी उपज के लिए बलुई दोमट, काली मिट्टी जमीन जिसका पी. एच. मानक 6.5 से 8.5 हो अधिक अच्छी मानी गई है| उष्ण एवं उपोष्ण जलवायु वाले क्षेत्र उपयुक्त है|

एलोवेरा की खेती के लिए पौधे रोपने का समय (Planting time for Farming of Aloevera)

पौधे की रोपाई सभी माह में यानि पूरे साल कभी भी की जा सकती है|

एलोवेरा की खेती के लिए भूमि की तैयारी (Preparation of Land for Farming of Aloevera)

भूमि की एक या दो जुताई करने के बाद, अच्छी तरह से पाटा लगाकर समतल कर लेना चाहिए| अधिक ढालू जमीन ढाल के विपरीत मोटी मेड़ो पर पौधों की रोपाई करनी चाहिए|

एलोवेरा की खेती के लिए खाद एवं कीटनाशक का प्रयोग ( Use of Fertilizers and Pesticides for the Farming of Aloevera)

खाद की आवश्यकता भूमि की गुणवत्ता पर निर्भर है| परन्तु गोबर की खाद एवं अन्य जैविक उर्वरक का प्रयोग होता है|

एलोवेरा की खेती के लिए निराई/गुराई ( Weeding / Grazing for the Farming of Aloevera )

प्रथम वर्ष दो से तीन निराई/गुराई आवश्यक है|

एलोवेरा की खेती में फसल की कटाई ( Harvesting of Aloevera Crop)

पौधे रोपने के 10-11 माह में इसकी पहली कटिंग की जाती हैं तथा इसके बाद की कटिंग 6-7 माह में की जाती है इस प्रकार यह फसल 5 वर्ष चलती है|

एलोवेरा की खेती में प्रति एकड़ लागत ( Cost Per Acre in Aloevera Farming)

विवरण मात्रा दर मूल्य (रुपए में)
पौधे 10500 पौधे 4.00 पौधे 42,000
खाद/कीट नाशक 3,500
पौध रोपण 2,500
जल प्रबंधन 4,000
निराई/ गुराई 5,000
अन्य खर्चे 5,000
  कुल लागत 62,000/-

एलोवेरा की खेती में प्रति एकड़ से आय  ( Income Per Acre from Aloevera Farming)

एलोवेरा के 5 वर्ष की खेती के दौरान प्रत्येक कटिंग द्वारा 5 किलोग्राम पत्ती प्राप्त होती है| पहली कटिंग दुसरे वर्ष से 6 महीने के अन्तराल पर की जाती है|

10500 पौधे xxX 5 किलोग्राम पत्ती= 52500 किलोग्राम X रु 3/- = रु. 1,57,500/-  (प्रथम कटिंग)

10500 पौधे xxX 3 किलोग्राम पत्ती= 31500 किलोग्राम X रु 3/- = रु. 94,500/-  (द्वितीय कटिंग)

10500 पौधे xxX 3 किलोग्राम पत्ती= 31500 किलोग्राम X रु 3/- = रु. 94,500/-  (तृतीय कटिंग)

दुसरे वर्ष में कुल आय- रु. 1,89,000/-

तीसरे वर्ष में 1,89,000+ चौथे वर्ष में 1,89,000+ पाँचवे वर्ष में 1,89,000

पाच वर्ष में लगभग आय= रु. 9,13,500

नोट- एलोवेरा के बेबी प्लांट से और अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा 1,50,000/-

टोटल लाभ= रु. 9,13,500 + रु. 1,50,000= रु. 10,63,500/-

दोस्तों एलोवेरा की खेती के लिए आप एक कंपनी के साथ बाई बैक एग्रीमेंट कर सकते हैं जिसका नाम है जय पीताम्बरा हर्बल बायोटेक| इस कंपनी के साथ बाई बैक एग्रीमेंट कर एलोवेरा की खेती कर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं| ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दिए गए विडियो को देखे|

एलोवेरा की खेती के फायदे  ( Benefits of Aloevera Farming )

जानवरों द्वारा कोई नुकसान नहीं होता है|

यह फसल रोग रहित है एवं पौधे जल्दी नष्ट नहीं होते हैं|

ज्यादा सिचाई की आवश्यकता नही होती हैं|

खाद की न्यूनतम आवश्यकता होती है|

आंशिक छाया में कर सकते है|

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